Triveni Hanuman Mandir Faridabad
फरीदाबाद - गुरुग्राम रोड स्थित त्रिवेणी हनुमान मंदिर
हनुमान जी प्रकर्ति और जीवन के प्राणदाता है। इनहे कठिनाईयो से मुक्ति देने वाला माना जाता है। ये अपने भगतो को हर समस्या से छूटकारा दिलाते है। जो हनुमानजी को सच्चे मन से याद करता है।
लेकिन भगत भी अपने भगवान को उतना ही चाहते है। इसके लिए वे मंदिर और उनकी मूर्ति का निर्माण करवाते है। ऐसी ही एक मूर्ति फरीदाबाद गुरुग्राम रोड पर स्थित त्रिवेणी हनुमान मंदिर पर है।
इस मूर्ति का निर्माण 2011 में शुरू हुआ था। इसका निर्माण एक फॉउंडेशन करवा रही है। इनका दावा है कि बैठी हुई मुद्रा में यह देश की सबसे ऊची प्रतिमा होगी।
इसका निर्माण निरंतर 8 सालों से चल रहा है। प्रतिदिन 25 से 30 मजदुर व कारीगर काम करते है। अब तक 5 करोड़ रुपए की लागत लग चुकी है।
मूर्ति का डिजाइन राजस्थान के सिविल इंजनियर नरेश सिंह ने बनाया है।
इस मूर्ति की भव्यता को देखने विदेशो से लोग आते है।
हनुमान जी प्रकर्ति और जीवन के प्राणदाता है। इनहे कठिनाईयो से मुक्ति देने वाला माना जाता है। ये अपने भगतो को हर समस्या से छूटकारा दिलाते है। जो हनुमानजी को सच्चे मन से याद करता है।
लेकिन भगत भी अपने भगवान को उतना ही चाहते है। इसके लिए वे मंदिर और उनकी मूर्ति का निर्माण करवाते है। ऐसी ही एक मूर्ति फरीदाबाद गुरुग्राम रोड पर स्थित त्रिवेणी हनुमान मंदिर पर है।
इस मूर्ति का निर्माण 2011 में शुरू हुआ था। इसका निर्माण एक फॉउंडेशन करवा रही है। इनका दावा है कि बैठी हुई मुद्रा में यह देश की सबसे ऊची प्रतिमा होगी।
इसका निर्माण निरंतर 8 सालों से चल रहा है। प्रतिदिन 25 से 30 मजदुर व कारीगर काम करते है। अब तक 5 करोड़ रुपए की लागत लग चुकी है।
मूर्ति का डिजाइन राजस्थान के सिविल इंजनियर नरेश सिंह ने बनाया है।
इस मूर्ति की भव्यता को देखने विदेशो से लोग आते है।
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